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शनिवार, 9 मार्च 2013
काबिले तारीफ है अबीदीन का जज्बा
मित्रों,पाकिस्तान के प्रधानमंत्री परवेज अशरफ की भारत यात्रा के विरोध में अजमेर शरीफ दरगाह के दीवान जेनुअल अबीदीन भी खड़े हो गए हैं। अबीदीन ने कहा है कि उन्होंने फैसला किया है कि पाकिस्तानी प्रधानमंत्री के दरगाह पर आने का वो विरोध करेंगे। अबुदीन ने साथ ही कहा कि वो प्रधानमंत्री के लिए जियारत भी नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि अगर मैं पाकिस्तान के पीएम की जियारत में मदद करता हूं, तो यह उन शहीदों का अपमान होगा जिनका सिर एलओसी पर पाकिस्तानी सैनिकों ने काट लिया था। उन्होंने कहा, 'पाकिस्तान ने हमारी भावनाओं को ठेस पहुंचाई और भारत के विरोध जताने के बावजूद दोषियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की।' दीवान अबीदीन ने कहा कि ऐसे समय में जब पाकिस्तान की वजह से देशों के बीच तनाव चरम पर है, तो यह आम राय है कि पाकिस्तान को भारत सरकार, हमारी सेना, शहीदों के परिजनों और सभी नागरिकों से माफी मांगनी चाहिए और इसके बाद प्रधानमंत्री को जियारत के लिए आना चाहिए। 'इससे पहले शहीद हेमराज के परिवार ने इस यात्रा का कड़ा विरोध किया है। सवाल राजनीति के गलियारों से भी उठ रहे हैं कि जब यह पाकिस्तान पीएम की निजी यात्रा है, तो फिर विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद उनकी शान में दावत क्यों दे रहे हैं? पाकिस्तान के प्रधानमंत्री अजमेर शरीफ की दरगाह पर जियारत के लिए पूरे परिवार के साथ आ रहे हैं। वे ख्वाजा के दर पर चादर चढाएंगे, लेकिन उनकी इस यात्रा से देश का दर्द एक बार फिर उभर आया है। अभी दो महीने पहले ही पाकिस्तानी सेना ने हमारे दो जवानों के सर कलम कर दिए थे। इस घटना के बाद सरहद से लेकर सियासी गलियारों तक तनाव बढ़ गया था। शहीदों के परिवार वाले राजा परवेज अशरफ की इस यात्रा का विरोध कर रहे हैं। उनकी शान में विदेश मंत्री जो भोज देने वाले हैं, उससे परिवार आहत है।
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