मित्रों,इन दिनों कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी भी कथित तौर पर गुप्त रूप से बीमार हो गयी हैं और उन्होंने कथित रूप से भारत के बजाए अमेरिका के चिकित्सकों पर विश्वास जताया है.उन्हें कौन-सी बीमारी थी और उसका ईलाज अतुल्य भारत में है भी या नहीं सब रहस्य के परदे में यत्नपूर्वक ढंककर रखा गया है.कहीं सोनिया जी को घोटालों के शोर के डर से कड़कड़हट की बीमारी तो नहीं हो गयी है.दरअसल कड़कड़हट की बीमारी हमारे गाँव में बिदेसिया के लौंडे को हुई थी जब वह सौतेली माँ का भावपूर्ण किरदार निभा रहा था.उसने अपने बिछावन के नीचे खपड़ा बिछा लिया था जिससे जब भी वो करवट लेता कड़कड़ की आवाज आती.उसने धन देकर वैद्य को भी अपनी ओर मिला लिया था जिससे उसने बीमारी का ईलाज उसके सौतेले बेटे की कलेजी खाना बता दिया था.खैर,इतना तो निश्चित है कि सोनिया जी जेल नहीं जाने जा रही हैं.यह सुअवसर अगर मिलेगा भी तो मनमोहन सिंह को क्योंकि सोनिया जी किसी भी जिम्मेदार पद पर नहीं हैं.वे तो उसी तरह सत्ता का निर्भय आनंद ले रही हैं जैसे १७६५ से १७७२ के बीच ईस्ट इंडिया कंपनी ने बंगाल में लिया था.शासन भी किया और उसकी जिम्मेदारी भी नहीं ली.अगर हम राजनीतिक दृष्टि से देखें तो उनके लिए इस समय बीमार हो जाना दो दृष्टियों से मुफीद था;पहला उनका पूरा परिवार इस खतरनाक समय में संसद में दिखने की शर्मिंदगी उठाने से बच गया और दूसरा देश के भोले-भाले लोगों का ध्यान भ्रष्टाचार और कमजोर लोकपाल से हटकर उनके स्वास्थ्य की ओर चला गया.उनकी रहस्यमय बीमारी की सच्चाई क्या है क्या कभी सामने आ भी पाएगा,शायद कभी नहीं!
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रविवार, 7 अगस्त 2011
क्या सोनिया सचमुच बीमार हैं?
मित्रों,इन दिनों कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी भी कथित तौर पर गुप्त रूप से बीमार हो गयी हैं और उन्होंने कथित रूप से भारत के बजाए अमेरिका के चिकित्सकों पर विश्वास जताया है.उन्हें कौन-सी बीमारी थी और उसका ईलाज अतुल्य भारत में है भी या नहीं सब रहस्य के परदे में यत्नपूर्वक ढंककर रखा गया है.कहीं सोनिया जी को घोटालों के शोर के डर से कड़कड़हट की बीमारी तो नहीं हो गयी है.दरअसल कड़कड़हट की बीमारी हमारे गाँव में बिदेसिया के लौंडे को हुई थी जब वह सौतेली माँ का भावपूर्ण किरदार निभा रहा था.उसने अपने बिछावन के नीचे खपड़ा बिछा लिया था जिससे जब भी वो करवट लेता कड़कड़ की आवाज आती.उसने धन देकर वैद्य को भी अपनी ओर मिला लिया था जिससे उसने बीमारी का ईलाज उसके सौतेले बेटे की कलेजी खाना बता दिया था.खैर,इतना तो निश्चित है कि सोनिया जी जेल नहीं जाने जा रही हैं.यह सुअवसर अगर मिलेगा भी तो मनमोहन सिंह को क्योंकि सोनिया जी किसी भी जिम्मेदार पद पर नहीं हैं.वे तो उसी तरह सत्ता का निर्भय आनंद ले रही हैं जैसे १७६५ से १७७२ के बीच ईस्ट इंडिया कंपनी ने बंगाल में लिया था.शासन भी किया और उसकी जिम्मेदारी भी नहीं ली.अगर हम राजनीतिक दृष्टि से देखें तो उनके लिए इस समय बीमार हो जाना दो दृष्टियों से मुफीद था;पहला उनका पूरा परिवार इस खतरनाक समय में संसद में दिखने की शर्मिंदगी उठाने से बच गया और दूसरा देश के भोले-भाले लोगों का ध्यान भ्रष्टाचार और कमजोर लोकपाल से हटकर उनके स्वास्थ्य की ओर चला गया.उनकी रहस्यमय बीमारी की सच्चाई क्या है क्या कभी सामने आ भी पाएगा,शायद कभी नहीं!
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